सीखें जीवन बचाने की तकनीक,एक सजगता बचा सकती है जान

 

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भूडा (रैणी), अलवर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भूडा में दिनांक 16-01-2026 को 


विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भूडा के CHO डॉ. देवीसिंह गुर्जर रहे।

प्रार्थना सभा में दिया गया प्रशिक्षण प्रार्थना सभा के दौरान डॉ. गुर्जर ने आपातकालीन स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तकनीक CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल का दौरा (Heart Attack) या सांस रुकने जैसी स्थिति में अस्पताल पहुँचने से पहले के शुरुआती मिनट कितने कीमती होते हैं।

प्रायोगिक प्रदर्शन (Demo) डॉ. गुर्जर ने केवल मौखिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि विद्यार्थियों के सामने डेमो देकर यह भी समझाया कि:

  • पीड़ित की पल्स और सांस की जांच कैसे करें।

  • चेस्ट कंप्रेशन (Chest Compression) देने का सही तरीका और गति क्या होनी चाहिए।

  • 'गोल्डन ऑवर' में किस तरह धैर्य और सही तकनीक से किसी की जान बचाई जा सकती है।

प्रधानाचार्य और स्टाफ की उपस्थिति इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री हरिकिशन यादव ने डॉ. गुर्जर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "किताबी ज्ञान के साथ-साथ इस तरह के व्यावहारिक और जीवन रक्षक कौशल (Life Skills) हर विद्यार्थी और शिक्षक के लिए अनिवार्य हैं।"

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने इस सत्र में गहरी रुचि दिखाई और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।


ब्लॉग के लिए कुछ मुख्य आकर्षण (Key Highlights):

  • स्थान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भूडा (रैणी)।

  • विशेषज्ञ: डॉ. देवीसिंह गुर्जर (CHO, भूडा)।

  • विषय: CPR तकनीक और प्राथमिक चिकित्सा।

  • प्रेरणा: "हर हाथ, बचा सकता है एक जान।"






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